Yes, I got to taste the culture of two colleges which were far apart from each other and the learnings from both have added to the most awesome experiences that one can expect of. Awesome set of people and therefore had been a difficult goodbye from both the worlds.
I have always told my GCTI stories to the closest ones in NIFTEM. Memories, experiences with F.R.I.E.N.D.S. made me something that I could have never imagined of myself 5 years back. It has been a long journey but realizing it now seems to be just nick of time.
और समय की मार तो देखिये जनाब, जिस दिन का बेसब्री से इंतज़ार था, वो दिन इतना मुश्किल होगा ऐसा कभी सोचा ना था।
खैर वो शाम भी कुछ अजीब थी जब हमने वो ज़िन्दगी चुनी थी, ये शाम भी अजीब है की इन् 5 साल में जुड़े लोग इतने ख़ास हो गए हैं, हर किसी से जुडी यादों की बारात और कुछ न कुछ सीख।
Tikku or Joshi का गुंडा भाई । किसी के लिए पागल लड़का । कुछ के लिए CRD placement guy और updates gang के लिए तो ना जाने क्या क्या ।
इतना कुछ सोचता था की किसी ये कहना है तो किसी से वो कहना है पर आज कुछ लफ्ज़ कम रह गए । शायद हम बहुत जल्दी बड़े हो गए ।
अब से न कोई इतना ख़ास दोस्त होगा ना कोई समझने वाला ।
"और भाई " कहने से ही जान जाते थे की क्या है बन्दे का हाल अब वैसी understanding वाले दोस्त भी ना होंगे ।
चेहरे की किताबें जो पढ़ी थी और बिना बात किये भी लोगो के बारे में जान लेने की कला इन् 5 सालो में ही तो आयी है ।
बस रह रह कर ये कविता ही याद आती है मुझे:
" छोटी-छोटी छितराई यादें
बिछी हुई है लम्हों के लाँन पर
नंगे पैर उन पर चलते चलते
इतनी दूर चले आये
कि अब भूल गये है
जूते कहाँ उतारे थे
एड़ी कोमल थी, जब आये थे
थोड़ी सी नाजुक है अभी भी
और नाज़ुक ही रहेगी
इन खट्टी-मीठी यादों की शरारत
जब तक इन्हे गुदगुदाती रहे
सच भूल गये है
कि जूते कहाँ उतारे है
पर लगता है,
अब उनकी जरूरत नहीं।" #Udaan
खैर ये blog लिखने की कसम खिलाई टी Tikki ने जो पूरी तोह नई हुई पर हाँ कभी कभी लिखा जाएगा ये ।
ये सभी उन ख़ास दोस्तों के नाम जो मेरे इस सफर में मेरे साथ थे।
ALL THE BEST GUYS!!!
STAY IN TOUCH!!!
KEEP ROCKING & TOUCH THE SKY!!!
MAKE THIS BATCH 2013-17 PROUD!!!








